इस बैठक को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बयान जारी किया गया है। बयान में 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की कोशिशों की मजम्मत की गई है और पार्टी नेतृत्व से इस मामले में तुरंत क़दम उठाने की मांग की गई है।
कैबिनेट मंत्री बाजवा का सिद्धू के साथ बैठक करना, 46 विधायकों के समर्थन का दावा करना, सिद्धू का परगट सिंह को अहमियत देना इस बात को साफ करता है कि सिद्धू कैंप अब अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाना चाहता है।