सीएम भगवंत मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि “पुलिस थानों और चौकियों में मुंशी स्तर पर साठगांठ है। थानेदार 10-20 साल से एक ही थाने में टिके हुए हैं। इसीलिए सामूहिक तबादलों का आदेश दिया गया है। अगर किसी पुलिस अधिकारी की कोई सांठगांठ पाई गई तो उसे फौरन बर्खास्त कर दिया जाएगा। अगले सात दिनों में उनकी संपत्ति जब्त कर जांच कराई जायेगी। अगर किसी पुलिस अधिकारी की ड्रग माफिया से मिलीभगत है तो यह पाप है। उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।''
डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “पुलिस नियमों में बड़े पैमाने पर बदलाव हुए हैं। अब कोई भी पुलिस अधिकारी नौ साल से अधिक समय तक एक ही स्थान पर तैनात नहीं रह सकता। अपने गृह जिले में भी तैनात नहीं रह सकता है। आने वाले दिनों में और भी तबादले होंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2002 से राज्य में पुलिस कर्मियों की संख्या लगभग 81,000 है। हमें संख्या बढ़ाने की जरूरत है। डीजीपी को कम से कम 10,000 पुलिसकर्मियों की भर्ती का निर्देश दिया है।