भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले साल की पुरुष टीम का इतिहास दोहराया। भारतीय महिला टीम ने भी एशिया कप 2026 का खिताब जीतने के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल यानी एसीसी के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। भारत ने रविवार को फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। यह घटनाक्रम पिछले साल के पुरुष एशिया कप फाइनल की याद दिलाता है। तब भी भारतीय पुरुष टीम ने पाकिस्तान के वरिष्ठ नेता और एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नक़वी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। तब एशिया कप ऐसे माहौल में खेला गया था जब पहलगाम आतंकी हमले और मई में हुए सैन्य संघर्ष के बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण थे। खिलाड़ियों ने तब पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ भी नहीं मिलाया था।

इस बार भारतीय महिला टीम के मामले में भी बीसीसीआई ने पहले ही एसीसी अधिकारियों को अपने फ़ैसले की जानकारी दे दी थी। भारतीय महिला टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि एसीसी प्रेसिडेंट और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के चीफ मोहसिन नक़वी से महिला एशिया कप की ट्रॉफी न लेने का फ़ैसला बीसीसीआई ने लिया था। मजूमदार ने आगे कहा कि टीम गवर्निंग बॉडी के फ़ैसले के साथ खड़ी है और बस खिताब जीतने से खुश है। भारतीय कोच ने ज़ोर देकर कहा कि श्रीलंका पर 72 रन की जीत के बाद ट्रॉफी सेरेमनी के दौरान हुई घटनाओं से भारत की उपलब्धि कम नहीं होगी।
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BCCI ने क्या कहा?

बीसीसीआई ने एसीसी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से बता दिया था कि अगर मोहसिन नक़वी फाइनल के बाद होने वाले पुरस्कार समारोह में मौजूद रहते हैं और भारत खिताब जीतता है तो भारतीय टीम उनसे ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेगी। इसके बाद फाइनल खत्म होने पर पुरस्कार समारोह को लेकर काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। श्रीलंका की आखिरी विकेट गिरने और प्रजेंटेशन सेरेमनी शुरू होने के बीच करीब 40 मिनट का अंतर रहा।

इस दौरान मैच अधिकारियों को पहले स्मृति चिह्न दिए गए। इसके बाद श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू और टीम के खिलाड़ियों तथा कोचिंग स्टाफ ने एक-एक करके उपविजेता पदक हासिल किए। अटापट्टू ने मोहसिन नक़वी से उपविजेता टीम का चेक भी लिया। नक़वी इस समारोह में एसीसी अध्यक्ष के तौर पर मौजूद थे। इसके बाद अटापट्टू ने प्रजेंटर से बातचीत की। लेकिन इसके बाद प्रसारण ख़त्म हो गया और भारतीय खिलाड़ियों को विजेता पदक या एशिया कप ट्रॉफी लेते हुए नहीं दिखाया गया।

BCCI के फैसले के साथ हैं: कोच

भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने साफ किया कि टीम बीसीसीआई के फैसले के साथ खड़ी है। पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह फैसला बीसीसीआई ने लिया है और टीम उसका समर्थन करती है। उनके मुताबिक भारतीय टीम के लिए टूर्नामेंट खत्म हो चुका है और वह एशिया कप की चैंपियन है।

मुख्य कोच मजूमदार ने कहा कि बड़े बोर्ड पर भारत को 2026 एशिया कप चैंपियन दिखाया जा चुका था और टीम के लिए यही काफी है। जब उनसे पूछा गया कि भारतीय टीम को ट्रॉफी आखिर कब मिलेगी तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।

पिछले साल पुरुष टीम ने भी किया था इनकार

यह पहली बार नहीं है जब भारतीय क्रिकेट टीम और मोहसिन नक़वी के बीच ट्रॉफी को लेकर विवाद सामने आया है। पिछले साल दुबई में खेले गए पुरुष एशिया कप फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर खिताब जीता था। तिलक वर्मा ने नाबाद 69 रन की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई थी। लेकिन मैच खत्म होने के बाद असली ड्रामा पुरस्कार समारोह को लेकर शुरू हुआ।

भारतीय टीम ने नक़वी से एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। नक़वी सिर्फ एसीसी अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के गृह मंत्री और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। उस समय भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव भी काफी ज्यादा था। एशिया कप ऐसे माहौल में खेला गया था जब पहलगाम आतंकी हमले और मई में हुए सैन्य संघर्ष के बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण थे।

खिलाड़ियों ने हाथ भी नहीं मिलाया था

पिछले साल के टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए तीनों मुकाबलों में उसके खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से भी परहेज किया था। फाइनल के बाद ट्रॉफी समारोह में भी भारत का रुख नहीं बदला। रिपोर्टों के मुताबिक भारतीय टीम ने साफ कर दिया था कि वह नक़वी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेगी। भारत कथित तौर पर यूएई स्थित क्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी जैसे किसी दूसरे अधिकारी से ट्रॉफी लेने को तैयार था। लेकिन नक़वी एसीसी अध्यक्ष के रूप में खुद ट्रॉफी देने पर कायम रहे। इसी वजह से पुरस्कार समारोह करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक अटका रहा था।

भारत को न ट्रॉफी मिली, न विजेता पदक

पिछले साल के विवाद में व्यक्तिगत पुरस्कार तो दूसरे अधिकारियों के हाथों दिए गए। कुलदीप यादव, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने अपने व्यक्तिगत पुरस्कार दूसरे अतिथियों से लिए। पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने उपविजेता टीम का चेक लिया था। इसके बाद उद्घोषक साइमन डूल ने बताया था कि एसीसी से उन्हें जानकारी मिली है कि भारतीय टीम अपने टीम पुरस्कार लेने नहीं आएगी। इसके बाद समारोह ख़त्म कर दिया गया। भारतीय टीम को न तो ट्रॉफी मिली और न ही विजेता पदक।

ट्रॉफी को प्रजेंटेशन स्थल से हटा दिया गया। भारतीय खिलाड़ियों ने हालांकि मैदान पर अपने तरीके से जीत का जश्न मनाया। सूर्यकुमार यादव और उनके साथियों ने हाथों से ट्रॉफी उठाने की मुद्रा बनाकर अपनी खुशी जाहिर की थी।
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बीसीसीआई ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी ICC के सामने उठाने की बात भी कही थी। बाद में यह विवाद टूर्नामेंट खत्म होने के बाद भी जारी रहा। नक़वी का कहना था कि भारत चाहे तो उनसे ट्रॉफी ले सकता है। अक्टूबर में आई रिपोर्टों के मुताबिक ट्रॉफी एसीसी के दुबई स्थित मुख्यालय में ही रखी हुई थी।

महिला टीम की ट्रॉफी किससे मिलेगी?

भारतीय महिला टीम ने टूर्नामेंट में अपना प्रदर्शन पूरी तरह क्रिकेट तक सीमित रखा और फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब जीता। मैदान पर भारत ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन पुरस्कार समारोह में टीम ने बीसीसीआई के तय रुख के मुताबिक नक़वी से ट्रॉफी नहीं ली। फिलहाल यह साफ़ नहीं है कि भारतीय महिला टीम को एशिया कप की ट्रॉफी बाद में किस अधिकारी के हाथों सौंपी जाएगी या समारोह दोबारा आयोजित किया जाएगा। कोच अमोल मजूमदार ने भी इस सवाल पर कहा कि उन्हें अभी कोई जानकारी नहीं है।

इस तरह भारत ने एक बार फिर ट्रॉफी से ज्यादा उस व्यक्ति से दूरी को प्राथमिकता दी है जिससे वह उसे स्वीकार नहीं करना चाहता। पिछले साल पुरुष टीम के मामले में जो विवाद हुआ था, वही तस्वीर इस बार महिला एशिया कप के फाइनल के बाद भी दिखाई दी। भारत एशिया कप चैंपियन है, लेकिन ट्रॉफी समारोह का सवाल अभी भी अधूरा है।