भारतीय कुश्ती की स्टार खिलाड़ी साक्षी मलिक ने गोंडा में हो रहे नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में विवाद पर अपनी साथी विनेश फोगाट का पूरा समर्थन किया है। साक्षी ने कुश्ती महासंघ यानी WFI पर आरोप लगाया है कि वह विनेश के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है। उन्होंने कहा कि माँ बनने के बाद भी महिलाओं को खेलने का अधिकार मिलना चाहिए। रियो ओलंपिक की मेडलिस्ट साक्षी मलिक ने एक वीडियो बयान में कहा, 'मैं दुनिया के कई उदाहरण दे सकती हूँ जहाँ दूसरे देशों की स्पोर्ट्स फेडरेशन माँ बन चुकी महिला खिलाड़ियों के लिए नियम आसान बनाती हैं। ताकि वे देश के लिए मेडल जीत सकें। लेकिन हमारे महासंघ ने सिर्फ दो दिन पहले नियम बदल दिए, ताकि विनेश वापसी न कर पाए।'

गोंडा में क्या विवाद हुआ है?

तीन बार की ओलंपियन और हाल ही में हरियाणा से विधायक चुनी गईं विनेश फोगाट गोंडा में नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने गई थीं। यह माँ बनने के बाद उनका पहला टूर्नामेंट था। लेकिन उन्हें एंट्री नहीं दी गई। WFI का कहना है कि विनेश 26 जून 2026 तक अयोग्य हैं। इसके लिए उसने WADA के नियम 5.6.1 का हवाला दिया जिसके तहत रिटायर हो चुके खिलाड़ियों के लिए छह महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि तय की गई है। विनेश ने जुलाई 2025 में बेटे को जन्म दिया था। उसके बाद उन्होंने रिटायरमेंट वापस ले लिया था और दोबारा खेलने की तैयारी कर रही थीं।

साक्षी की पीएम मोदी से अपील

साक्षी मलिक ने प्रधानमंत्री, खेल मंत्री और कुश्ती महासंघ से हाथ जोड़कर अनुरोध किया, 'विनेश को ट्रायल्स देने दीजिए। उन्हें देश के लिए मेडल जीतने का मौका दीजिए। वे माँ बनकर भी खेल सकती हैं, मेडल जीत सकती हैं और देश का नाम रोशन कर सकती हैं। हमारे देश में भी यह उदाहरण बने कि माँ बनने के बाद महिलाएँ खेल नहीं छोड़तीं।'

WFI की आपत्ति क्या?

विनेश फोगाट का यह पूरा मामला कागजी औपचारिकताओं पर अटका हुआ है। WFI का कहना है कि WADA के नियम के मुताबिक रिटायर खिलाड़ी को वापसी के लिए 6 महीने पहले नोटिस देना पड़ता है। इसलिए विनेश जून 2026 तक खेल नहीं सकतीं। 

महासंघ के आरोपों पर विनेश ने अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी यानी ITA का 3 जुलाई 2025 का पत्र दिखाया है, जिसमें साफ़ लिखा है कि वे 1 जनवरी 2026 से खेल सकती हैं।

दिसंबर 2025 में एक मिस्ड डोपिंग टेस्ट का भी मामला सामने आया, जिसके बारे में विनेश ने बताया कि नवजात शिशु की देखभाल और हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बीच यह हो गया था।

पहले भी विनेश व महासंघ में रहा था टकराव

यह पहला मौक़ा नहीं है जब विनेश और साक्षी महासंघ से टकरा रही हैं। साल 2023 में विनेश, साक्षी और बजरंग पूनिया ने पूर्व महासचिव बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ जंतर-मंतर पर लंबा आंदोलन किया था। बृजभूषण पर छह महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस बीच बृजभूषण को महासंघ से बाहर होना पड़ा और बाद में वह संसद का चुनाव नहीं लड़ पाए, बल्कि अपने बेटे को चुनाव लड़ाया। गोंडा बृजभूषण का गढ़ माना जाता है, इसलिए वहाँ विनेश का आना पहले से ही संवेदनशील था।

महिलाओं के लिए मिसाल!

साक्षी मलिक का बयान सिर्फ विनेश के लिए नहीं, बल्कि सभी माँ बन चुकी महिला खिलाड़ियों के लिए है। उन्होंने कहा कि महासंघ को खिलाड़ियों की मदद करनी चाहिए न कि रास्ते में रोड़े अटकाने चाहिए। देश भर के खेल प्रेमी अब देख रहे हैं कि सरकार और महासंघ इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं। विनेश फोगाट जैसी मजबूत और मेहनती खिलाड़ी को दोबारा मैदान पर उतरने का मौका मिलता है या नहीं?