पहलवान विनेश फोगाट ने बृजभूषण शरण सिंह मामले में रविवार को बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि वह बृजभूषण शरण सिंह के यौन उत्पीड़न के 6 पीड़ितों में से एक हैं। उन्होंने गोंडा में होने वाले रैंकिंग टूर्नामेंट में सुरक्षा को लेकर आशंका जताई है क्योंकि यह टूर्नामेंट बृजभूषण के अपने इलाके और उनके कॉलेज में हो रहा है। विनेश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर यह खुलासा किया। उन्होंने कहा कि वे लगभग 20 महीने बाद कुश्ती में वापसी करने जा रही हैं, लेकिन इस टूर्नामेंट के कारण उन्हें मजबूरन अपना पक्ष रखना पड़ा। उन्होंने कहा है कि उन्हें वहाँ जाने से बहुत मानसिक दबाव महसूस हो रहा है।

बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ पिछले क़रीब तीन साल से हमलावर रहने वाली विनेश ने कहा है कि तीन साल पहले हमने बृजभूषण के खिलाफ आवाज उठाई थी। छह महिला पहलवानों ने शिकायत की थी। उन्होंने अब गोंडा में हो रहे टूर्नामेंट को लेकर शिकायत की है। बृजभूषण का ज़िक्र करते हुए विनेश ने कहा, 'गोंडा में उसका घर है, उसका अपना कॉलेज है। वहां सब उनके लोग हैं। ऐसे माहौल में जाकर कुश्ती लड़ना बहुत मुश्किल है। हम पहले से ही मानसिक दबाव में रहते हैं। देश हमसे मेडल की उम्मीद करता है।'

बृजभूषण के कॉलेज में टूर्नामेंट

विनेश ने कहा, 'एक महीने पहले भारतीय कुश्ती महासंघ ने एक प्रतियोगिता की घोषणा की थी। यह एक रैंकिंग टूर्नामेंट है। यह टूर्नामेंट उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित किया जा रहा है, जहाँ बृज भूषण का घर है और उसका अपना प्राइवेट कॉलेज भी है।'

'यदि मेरे साथ कोई घटना होगी तो...'

विनेश ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर टूर्नामेंट के दौरान उनके साथ कुछ हुआ तो सरकार जिम्मेदार होगी। महिला पहलवान ने कहा, 'आज भी बृज भूषण कह रहा है कि कुश्ती महासंघ पर उसका पूरा नियंत्रण है। उसके लोग ही महासंघ चला रहे हैं। फिर भी खेल मंत्रालय या सरकार ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया। अगर मैं उस प्रतियोगिता में जाती हूँ, तो मेरी टीम मेरे साथ होगी। अगर किसी के साथ कोई घटना हो जाती है, तो मैं आप सबको बता देना चाहती हूँ कि इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।'

मेहनत से फ़ैसला हो, गुंडे के ज़रिए नहीं: फोगाट

इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा, 'क्योंकि वो बृज भूषण खुद कैमरे पर कह चुका है कि उसने एक आदमी की हत्या कर दी थी और उसे कोई सजा नहीं मिली। तो आप खुद सोच सकते हैं कि उसकी सोच कैसी है और वो क्या कर सकता है। मैं खुद के लिए कोई विशेष सुविधा या विशेष व्यवहार नहीं चाहती। मुझे सिर्फ इतना चाहिए कि मैट पर फैसला हर खिलाड़ी की मेहनत के आधार पर हो। किसी गुंडे के जरिए नहीं। जो जीतना चाहे वो जीते, जो हारना चाहे वो हारे।'

उन्होंने कहा, 'वहाँ मेहनती खिलाड़ी को अपना हक मिलना लगभग नामुमकिन है। कौन सा रेफरी किस मैच में बैठेगा, किसे कितने पॉइंट्स देने हैं, मैच चेयरमैन कहाँ बैठेगा, किसे जिताना है और किसे हराना है… ये सब कुछ बृज भूषण और उनके लोगों के नियंत्रण में होगा।'

टूर्नामेंट की जगह से बृजभूषण का क्या संबंध?

नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट 10 से 12 मई तक गोंडा के नंदिनी नगर महाविद्यालय में होगा। यह एशियन गेम्स सिलेक्शन ट्रायल्स के लिए आखिरी मौका है। बृजभूषण इस कॉलेज के संस्थापक हैं और गोंडा से पूर्व सांसद रह चुके हैं। विनेश को डर है कि वहां मैच फिक्सिंग हो सकती है और रेफरी, पॉइंट्स, वेट-इन सब पर बृजभूषण का असर हो सकता है।

WFI अध्यक्ष संजय सिंह का जवाब

WFI के नए अध्यक्ष संजय सिंह ने विनेश के बयान के बाद जवाब दिया है। उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, 'मैं विनेश को व्यक्तिगत गारंटी देता हूं कि उनकी पूरी सुरक्षा होगी। वे बेझिझक आएं और अपना बेस्ट दें।' उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट में करीब 1200 एंट्री हैं, जिनमें 800 हरियाणा से हैं। किसी दूसरे खिलाड़ी ने आपत्ति नहीं की। रेफरी IOA और WFI की पैनल से चुने जाएंगे, बृजभूषण या उन पर कोई नियंत्रण नहीं होगा। संजय सिंह ने विनेश पर आरोप लगाया कि वे मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही हैं क्योंकि वे कांग्रेस की विधायक भी हैं।

बृज भूषण पर क्या है मुक़दमा?

बृजभूषण शरण सिंह पर छह महिला पहलवानों ने 2023 में यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और स्टाकिंग यानी पीछा करने के आरोप लगाए थे। विनेश, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक समेत कई टॉप पहलवानों ने जंतर-मंतर पर दो महीने तक प्रदर्शन किया था। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में बृजभूषण पर आरोप तय हो चुके हैं। केस अभी दिल्ली कोर्ट में चल रहा है। विनेश ने पेरिस ओलंपिक के बाद कुश्ती छोड़ दी थी, लेकिन अब वापसी की तैयारी कर रही हैं। यह टूर्नामेंट उनके लिए बेहद अहम है।

विनेश ने मुक़दमे पर क्या कहा?

विनेश ने वीडियो में कहा, 'तीन साल पहले हमने भी बृज भूषण के यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई थी। उस मामले में कोर्ट में सुनवाई चल रही है। छह महिला खिलाड़ियों ने शिकायत की थी, उसी के आधार पर केस चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश के अनुसार, पीड़ित की पहचान नहीं बतानी चाहिए क्योंकि यह उनकी इज्जत और सम्मान का सवाल है। आज मुझे कुछ बातें कहनी पड़ रही हैं। मैं अब तक चुप थी क्योंकि केस अभी कोर्ट में लंबित है और जल्द ही सच्चाई देश के सामने आएगी। लेकिन मैं यह कहना चाहती हूँ कि 'मैं भी उन छह पीड़ित महिलाओं में से एक हूँ, जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी। हमारी गवाही अभी भी चल रही है।'