तमिलनाडु में थलपति विजय (दलपति विजय) को मंगलवार को टीवीके विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इसके लिए हुई नव निर्वाचित विधायकों की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। इसको राज्य में सरकार गठन की दिशा में एक बड़ा क़दम माना जा रहा है। हालाँकि, टीवीके को बहुमत नहीं मिला है, लेकिन वह राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। माना जा रहा है कि कांग्रेस, सीपीआई व सीपीएम व वीसीके जैसे दल टीवीके को समर्थन दे सकते हैं। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने भी मंगलवार को यह कहकर इसका संकेत दिया है कि टीवीके के साथ बातचीत के लिए कांग्रेस 'खुलेपन' के साथ विचार कर रही है। इस बीच, ऐसी रिपोर्ट है कि विजय 7 मई को सीएम पद की शपथ ले सकते हैं।

118 सीटों की ज़रूरत

तमिलनाडु में सोमवार को आए चौंकाने वाले नतीजों के बाद सरकार गठन की कवायद तेज हो गई लगती है। टीवीके ने मंगलवार को चेन्नई के पनैयुर में बैठक की। टीवीके ने अपने पहले चुनाव में ही इतिहास रच दिया है। पार्टी ने 234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा में 108 सीटें जीती हैं। बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए। यानी पार्टी सिर्फ 10 सीटों से थोड़ी पीछे है। थलपति विजय खुद दो सीटों पेराम्बुर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट से जीते हैं।

सरकार बनाने की तैयारी?

रिपोर्ट है कि बैठक में सरकार बनाने का दावा करने और सहयोग की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। लेकिन रिपोर्ट है कि टीवीके जल्दबाजी नहीं करना चाहती। मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पार्टी कांग्रेस और वामपंथी दलों से बात कर रही है। इनके कुल 9 विधायक हैं। इनके अलावा वीसीके जैसे छोटे दल भी साथ आ सकते हैं जिनके दो विधायक जीते हैं। कुछ रिपोर्टों में पट्टाली मक्कल कटची यानी पीएमके से भी संपर्क की बात कही गई है। इसके चार विधायक हैं।

रिपोर्ट है कि टीवीके राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आरलेकर से मुलाक़ात का समय मांगने वाली है ताकि सरकार बनाने का दावा किया जा सके। पार्टी के कुछ नेता कह रहे हैं कि वे किसी भी पार्टी के सामने झुककर समर्थन नहीं मांगेंगे, लेकिन गठबंधन के ज़रिए सरकार बनाने की कोशिश ज़रूर करेंगे।

कांग्रेस का बड़ा बयान

कांग्रेस के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने मंगलवार को केरल के अलप्पुझा में कहा कि उनकी पार्टी टीवीके से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पिछले चुनाव में द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम यानी डीएमके के साथ गठबंधन में लड़ी थी, लेकिन अब तमिलनाडु में नई स्थिति बन गई है। उन्होंने कहा, 'नई परिस्थिति को देखते हुए कांग्रेस फैसला लेगी।' मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीवीके कांग्रेस और वामपंथी दलों के साथ गठबंधन सरकार बनाने की कोशिश कर रही है।

विजय के पिता का खुला निमंत्रण

इधर, थलपति विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने कांग्रेस को टीवीके के साथ गठबंधन का खुला निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है, लेकिन लगातार दूसरों को समर्थन देने से उसकी अपनी ताकत कमजोर हो गई है। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार चंद्रशेखर ने कहा, 'कांग्रेस को सत्ता की जरूरत है। हम उन्हें वह ताकत दे सकते हैं। विजय कांग्रेस को सत्ता दिलाने के लिए तैयार हैं। अगर कांग्रेस को यह मौका मिला तो वह अपनी पुरानी पहचान और मजबूती वापस पा सकती है।' उन्होंने विजय के बारे में कहा कि उनका बेटा अब पूरी तरह समाज सेवा और तमिल जनता की भलाई के लिए समर्पित है। विजय का युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोगों से गहरा भावनात्मक जुड़ाव है।

सरप्राइज ब्लॉकबस्टर चुनाव

राजनीतिक जानकारों और डीएमके ने पहले विजय को 'पार्ट टाइम नेता' और अगंभीर मानकर खारिज कर दिया था। लेकिन टीवीके ने सबको चौंका दिया। पार्टी ने द्रविड़ पार्टियों के लंबे वर्चस्व को तोड़ते हुए करीब 35 प्रतिशत वोट हासिल किए, जबकि डीएमके को क़रीब 24% और एआईएडीएमके को क़रीब 21% वोट मिले। 2021 के चुनाव में डीएमके को 38% और एआईएडीएमके को 33.5% वोट मिले थे। इस बार दोनों दलों के वोट शेयर में बड़ी गिरावट आई है।

विजय की पार्टी ने द्रविड़ राजनीति के विकल्प का वादा किया है। पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतना तमिलनाडु की राजनीति के लिए बड़ा उलटफेर है। अब देखना यह है कि टीवीके बाहर से समर्थन लेकर या छोटे दलों के साथ गठबंधन कर सरकार बना पाती है या नहीं। विजय के विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद पार्टी में खुशी का माहौल है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि वे जनता के मुद्दों पर काम करेंगे और पारदर्शी सरकार चलाएंगे।

क्या सीएम बनेंगे?

टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। अगर कांग्रेस और अन्य छोटे दलों का समर्थन मिल गया तो विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं। यह तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय होगा।