अभिनेत्री तृषा के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए गिरफ़्तार किए गए तमिलनाडु में विपक्ष के नेता और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार रात को छोड़ दिया गया। हिरासत से बाहर आने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी सरकार ने उनके साथ 'आतंकवादी जैसा' बर्ताव किया।

रिहाई के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्टालिन ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई मद्रास हाई कोर्ट के सामने तमिलनाडु सरकार के उस रुख के उलट थी, जिसमें सरकार ने कहा था कि उनका स्टालिन को गिरफ्तार करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, 'कोर्ट में सरकारी वकील ने कहा था कि उन्हें मुझे गिरफ्तार करने का कोई इरादा नहीं है। लेकिन, पूछताछ के लिए ले जाने के बहाने, उन्होंने जनता के पैसे का इस्तेमाल करके लगभग 3000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया और मुझे सड़क मार्ग से चेन्नई से तंजावुर ले गए, जैसे कि मैं कोई आतंकवादी हूं।'
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इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु पुलिस को निर्देश दिया था कि वे विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को उसी दिन स्टेशन बेल पर रिहा कर दें। यह अदालती आदेश उनकी गिरफ्तारी के कुछ ही देर बाद आया। उन्हें कावेरी जल विवाद पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए दिए गए भाषण के दौरान की गई एक विवादित टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया गया था। इस टिप्पणी को अभिनेत्री तृषा तथा विजय के साथ उनकी दोस्ती के संदर्भ के रूप में देखा गया है। तमिलनाडु भर की राजनीतिक पार्टियों ने भी इसकी निंदा की है।

तंजावुर ईस्ट पुलिस स्टेशन में टीवीके की तंजावुर सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट महिला विंग की ऑर्गनाइज़र एस. भैरवी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 3 अगस्त को कावेरी मुद्दे पर विपक्ष के नेता के भाषण के दौरान जब भीड़ "तृषा, तृषा" के नारे लगा रही थी तो उन्होंने अश्लील और दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी की।
कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिनेत्री तृषा को लेकर की गई कथित विवादित और अश्लील टिप्पणी के मामले में तमिलनाडु पुलिस ने विपक्ष के नेता और डीएमके (DMK) नेता उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार/हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद उनके चेन्नई स्थित आवास के बाहर भारी हंगामा और राजनीतिक तनाव देखने को मिला। गिरफ्तारी के बीच उदयनिधि ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट ने इस मामले की फौरन सुनवाई करते हुए उदयनिधि को पूछताछ के बाद रिहा करने का आदेश दिया।
अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान दलीलें दर्ज करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस जी.के. इलन्थिरैयन ने पुलिस को निर्देश दिया है कि उदयनिधि को पूछताछ के बाद आज ही थाने में जमानत पर रिहा कर दिया जाए। उन्होंने विपक्ष के नेता को भी जांच में सहयोग करने और आवश्यकता पड़ने पर पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

विवाद की मुख्य वजह

कावेरी मुद्दे पर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को घेरते हुए उदयनिधि स्टालिन जनसभा को संबोधित कर रहे थे। भाषण के दौरान भीड़ में से किसी ने "तृषा, तृषा" के नारे लगाए। इस पर रुकते हुए उदयनिधि ने द्विअर्थी (द्वि-अर्थी) टिप्पणी की, जिसे अभिनेता विजय और अभिनेत्री तृषा के बीच संबंधों से जोड़कर देखा गया। इस बयान को तमिलनाडु के तमाम राजनीतिक दलों ने महिलाओं का अपमान और अश्लील द्विअर्थी संवाद बताते हुए कड़ी निंदा की है।

पुलिस ने एफआईआर में 6 धाराएं लगाईं

तमिलनाडु पुलिस ने मामला दर्ज करने के तुरंत बाद उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में ले लिया। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य कानूनों के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। जिसमें BNS धारा 79: महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से कहे गए शब्द या किए गए इशारे। BNS धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से किया गया जानबूझकर अपमान। BNS धारा 196: समूहों के बीच शत्रुता और सौहार्द बिगाड़ने वाले कृत्य। BNS धारा 61: आपराधिक साजिश। BNS धारा 351(2): आपराधिक धमकी। तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम 2002 की धारा 4। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 67: इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री का प्रसारण।
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इसके अलावा, सत्ताधारी टीवीके (TVK) पार्टी ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) में भी उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

पूरे तमिलनाडु में फैला डीएमके प्रदर्शन

डीएमके नेता, कार्यकर्ता राज्य में जगह-जगह इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं। डीएमके कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कोयंबटूर जिले में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व मंत्री पी. मूर्ति ने मदुरै में डीएमके के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इरोड, थूथुकुडी, वेल्लोर में टीवीके कैडर ने उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों की निंदा की। ऊटी में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

उदयनिधि की सफाई: "अदालत को फैसला करने दें"

पुलिस वैन में ले जाए जाने के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा: "मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा है। क्या मैंने विजय के अलावा किसी और का नाम लिया? यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। अब अदालत को ही फैसला करने दें।"

टीवीके (TVK) का तीखा हमला

TVK नेता आधव अर्जुन ने उदयनिधि को "ऑब्सीन निधि" (अश्लील निधि) करार देते हुए कहा कि वह सी.एन. अन्नादुरै के बनाए आंदोलन को अपनी अश्लील भाषा से बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की कोई भी मां, बहन या अभिभावक सार्वजनिक जीवन में ऐसी भाषा स्वीकार नहीं करेगा। वहीं टीवीके के प्रवक्ता फेलिक्स गेराल्ड ने सवाल उठाया कि क्या उदयनिधि अपने इस भाषण को अपने बच्चों को सुना सकते हैं?
टीवीके के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु के ऊर्जा एवं कानून मंत्री आर. निर्मलकुमार ने मंगलवार को कहा कि डीएमके युवा विंग के सचिव और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन "विधानसभा में प्रवेश करने और सार्वजनिक जीवन में रहने के योग्य नहीं हैं।" उन्होंने कहा- "वे विपक्ष के नेता बने रहने के भी योग्य नहीं हैं। महिलाओं के प्रति ऐसा रवैया रखने वाले व्यक्ति को विधानसभा में प्रवेश करने की कोई योग्यता नहीं है। वे सार्वजनिक जीवन में रहने के योग्य नहीं हैं। अगर पुरची थलाइवर एम.जी.आर. (एम.जी. रामचंद्रन) और अम्मा (जे. जयललिता) जीवित होते, तो वे भी वही कदम उठाते जो मुख्यमंत्री [सी. जोसेफ विजय] ने आज उठाया है।"

BJP ने क्या कहा

तमिलनाडु बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने उदयनिधि के बयान को "शर्मनाक और अश्लील" बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने तंज कसते हुए कहा कि वैगई नदी की सफाई करते वक्त उन्होंने सोचा था कि इससे ज्यादा प्रदूषण नहीं हो सकता, लेकिन उदयनिधि का भाषण सुनकर उनकी सोच बदल गई। बीजेपी उपाध्यक्ष खुशबू सुंदर ने कहा कि महिलाओं को राजनीति में मोहरा नहीं समझा जाना चाहिए और उदयनिधि को अभिनेत्री तृषा से बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
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डीएमके (DMK) का पलटवार: "राजनीतिक बदले की कार्रवाई"

डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सरकार बुधवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में उदयनिधि को शामिल होने से रोकने के लिए यह दमनकारी कदम उठा रही है। उन्होंने इसे सरकार की "कायरता" करार दिया। वहीं, पूर्व मंत्री टी. मनो थंगराज ने कहा कि यह विवाद कावेरी मुद्दे और किसानों की समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए प्रायोजित तरीके से खड़ा किया गया है।

बीजेपी नेता भी मांग चुके हैं माफी

इसी साल फरवरी में तमिलनाडु बीजेपी नेता नैनार नागेंद्रन ने भी विजय के राजनीति में आने पर टिप्पणी करते हुए कहा था, "उन्हें पहले तृषा के घर से बाहर आने को कहो।" इस बयान पर भारी विवाद के बाद उन्होंने स्वीकार किया था कि यह टिप्पणी उनके राजनीतिक आचरण के खिलाफ थी और उन्होंने इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।