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अभिषेक बनर्जी व टीएमसी के दूसरे नेताओं पर त्रिपुरा पुलिस की एफ़आईआर

त्रिपुरा पुलिस ने टीएमसी सांसदों अभिषेक बनर्जी, डोला सेन और पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं के ख़िलाफ़ 'पुलिस कर्मियों की ड्यूटी में बाधा डालने' के लिए प्राथमिकी दर्ज की है। इनके अलावा पश्चिम बंगाल के मंत्री ब्रत्य बसु और पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष के ख़िलाफ़ भी केस दर्ज किया गया है। यह मामला उससे जुड़ा है जिसमें टीएमसी नेताओं पर त्रिपुरा में कथित हमले हुए हैं। ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पिछले कई दिनों से इस मामले को उठाते रहे हैं। 

त्रिपुरा पुलिस की इस ताज़ा एफ़आईआर में कहा गया है कि रविवार सुबह टीएमसी के 14 नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद मंत्री ब्रत्य बसु और सांसद डोला सेन के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं का एक समूह खोवाई थाने पहुँचा। इसके बाद जल्द ही अभिषेक बनर्जी भी पुलिस थाना पहुँच गए थे।

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पुलिस ने कहा है कि टीएमसी नेताओं के समूह ने एडिशनल एसपी और अन्य पुलिस कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया और उन पर चिल्लाया भी। त्रिपुरा पुलिस ने अब टीएमसी के शीर्ष नेताओं के ख़िलाफ़ खोवाई के एडिशनल एसपी और एसडीपीओ के साथ दुर्व्यवहार करने और पुलिस कर्मियों को ड्यूटी करने से रोकने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया है।

इस मामले में त्रिपुरा में टीएमसी कार्यकर्ताओं पर कथित हमले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दो दिन पहले ही सोमवार को बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया था। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों पर हालिया हमले की साज़िश रचने का आरोप मढ़ा था। उन्होंने कहा था कि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री में इस तरह के हमलों का आदेश देने का दुस्साहस नहीं है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी त्रिपुरा, असम, उत्तर प्रदेश और जहाँ भी वह सत्ता में है, वहाँ अराजक सरकार चला रही है। उन्होंने कहा, 'हम त्रिपुरा में अभिषेक और हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों की निंदा करते हैं।'

ममता का यह आरोप उनके भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और अन्य टीएमसी कार्यकर्ताओं पर दो अलग-अलग मामलों में हालिया हमलों के मद्देनज़र आया था। 

टीएमसी की संगठनात्मक गतिविधियों के लिए त्रिपुरा में डेरा डाले हुए पार्टी के युवा नेता सुदीप राहा और जया दत्ता 7 अगस्त को धलाई ज़िले के अंबासा में कथित तौर पर सत्तारूढ़ बीजेपी समर्थकों द्वारा किए गए हमले में घायल हो गए थे।

इसके बाद से अभिषेक बनर्जी सहित पार्टी के दूसरे नेता भी लगातार बीजेपी पर इन हमलों के लिए आरोप लगा रहे हैं।

इस मामले में अभिषेक बनर्जी ने पहले ट्वीट कर कहा था, 'त्रिपुरा में गिरफ्तार किए गए तृणमूल कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं को मिली जमानत। सत्यमेव जयते! मैं उन्हें कोलकाता ले जा रहा हूँ क्योंकि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें चिकित्सा से वंचित कर दिया गया था। बिप्लब कुमार देब आप कोशिश करते रह सकते हैं लेकिन आपके सारे संसाधन कम पड़ जाएंगे! मेरी बात याद रखना।' 

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अभिषेक बनर्जी ने पहले 2 अगस्त को आरोप लगाया था कि त्रिपुरा में उनकी गाड़ी पर भी हमला किया गया था। 

हालाँकि अंबासा में तृणमूल समर्थकों पर हमले या पार्टी कार्यालय को नुक़सान पहुँचाए जाने के मामले में बीजेपी ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के शामिल होने से इनकार किया है। 

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