उत्तर प्रदेश में चार महीने के अंदर विधानसभा के चुनाव होने हैं। इतने बड़े प्रदेश के लिए यह वक़्त बेहद कम है। ऐसे में अगर सरकार बनानी है तो विपक्षी दलों को एक मज़बूत गठबंधन बनाना ही होगा। अखिलेश ने महान दल और राष्ट्रीय लोकदल के बाद राजभर की पार्टी को भी अपने पाले में खींचकर ताक़तवर गठबंधन खड़ा करने की कोशिश की है।
शिवपाल सिंह यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) भी इस गठबंधन के साथ जुड़ सकती है। भागीदारी संकल्प मोर्चा में शामिल 9 छोटे दल भी अखिलेश यादव के साथ आ सकते हैं।