loader
रुझान / नतीजे चुनाव 2022

हिमाचल प्रदेश 68 / 68

बीजेपी
31
कांग्रेस
32
अन्य
5

गुजरात 182 / 182

बीजेपी
158
कांग्रेस
15
आप
7
अन्य
2

चुनाव में दिग्गज

घटना के विरोध में रात को प्रदर्शन।

लखीमपुर: दलित बहनों के शव पेड़ से लटके मिले, FIR दर्ज

लखीमपुर खीरी के निघासन में दो नाबालिग दलित बहनों के शव पेड़ से लटके मिलने के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने आईपीसी की हत्या और बलात्कार से जुड़ी धाराओं के साथ ही पॉक्सो एक्ट के तहत भी मुक़दमा दर्ज किया है। 

लखनऊ रेंज की पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी सिंह ने कहा है कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 

इस मामले में मृतक लड़कियों की मां ने कहा है कि मोटरसाइकिल पर आए कुछ लोगों ने लड़कियों का अपहरण कर लिया था। परिजनों ने उनका बलात्कार और हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। 

ताज़ा ख़बरें

हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के तमाम आला अफसर मौके पर मौजूद हैं। लखीमपुर खीरी के पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी। 

गांव के एक व्यक्ति ने नाबालिग दलित बहनों के शव पेड़ से लटके देखे और ग्रामीणों को इस बात की सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया और सड़क को जाम कर दिया। हालात बिगड़ने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाया कि इस मामले में उच्च स्तरीय जांच होगी और सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

बदायूं और हाथरस मामले

यहां याद दिलाना होगा कि साल 2014 में बदायूं में भी ऐसा ही एक भयावाह हत्याकांड हुआ था जब दो नाबालिग बहनों के शव एक पेड़ से लटके हुए मिले थे। साल 2020 में उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दलित युवती की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले को लेकर तब जबरदस्त शोर हुआ था क्योंकि प्रशासन ने रात में ही युवती का अंतिम संस्कार कर दिया था। 

विपक्ष हमलावर

घटना के बाद विपक्षी दलों ने योगी सरकार पर हमला बोला है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के एक वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा, 'निघासन पुलिस थाना क्षेत्र में 2 दलित बहनों को अगवा करने के बाद उनकी हत्या और उसके बाद पुलिस पर पिता का ये आरोप बेहद गंभीर है कि बिना पंचनामा और सहमति के उनका पोस्टमार्टम किया गया। लखीमपुर में किसानों के बाद अब दलितों की हत्या ‘हाथरस की बेटी’ हत्याकांड की जघन्य पुनरावृत्ति है।

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया, '...परिजनों का कहना है कि उन लड़कियों का दिनदहाड़े अपहरण किया गया था। अखबारों और टीवी में हर दिन झूठे विज्ञापन देने से कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं होता है। आखिर यूपी में महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध क्यों बढ़ रहे हैं?'

तृणमूल कांग्रेस ने ट्वीट किया है, 'यूपी में दो बहनें पेड़ से लटकी मिलीं। सीएम योगी आदित्यनाथ की निगरानी में यूपी क्राइम कैपिटल बनता जा रहा है और प्रशासन व पुलिस की डिफेनिंग साइलेंस ने लोगों को इस जंगल राज के खिलाफ लड़ने के लिए सड़क पर आने पर मजबूर कर दिया है।'

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

उत्तर प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें