राम मंदिर घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के दखल पर वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र तिवारी ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है! उनका कहना है कि यह केवल एक 'कवर-अप' (लीपापोती) हो सकता है ताकि मामले को सीबीआई (CBI) जांच से बचाया जा सके और एसआईटी की रिपोर्ट को क्लीन चिट दे दी जाए।
लेखक पत्रकार हैं और कनाडा की विंडसर यूनिवर्सिटी के रिसर्च प्रोजेक्ट के तहत आईआईएम-लखनऊ में रिसर्चर रह चुके हैं।

























