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यूपी: बच्चों के यौन शोषण के मामले में बीजेपी नेता राठौर गिरफ़्तार 

जालौन में एक घिनौनी वारदात हुई है। बीजेपी के एक नेता को बच्चों के यौन शौषण के मामले गिरफ़्तार किया गया है। राम बिहारी राठौर नाम का यह शख़्स लंबे वक़्त से बच्चों का यौन शौषण कर रहा था। बदनामी होते देख बीजेपी ने उसे तुरंत पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अब तक कुछ 9 ऐसे बच्चों और दो महिलाओं का पता चला है जिनका ये शख़्स यौन शोषण कर रहा था। 

जालौन के एसपी यशवीर सिंह ने कहा है कि पीड़ित चार बच्चों को मामले में और जानकारी हासिल करने के लिए बुलाया गया है। पुलिस को इन चार बच्चों के बारे में उन दो बच्चों से पता चला जिन्होंने राम बिहारी राठौर के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कराया था। पुलिस ने कहा है कि पीड़ितों और उनके परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। 

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इन दो बच्चों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया था कि राठौर अकसर उनका यौन शोषण किया करता था और इसका वीडियो बना लेता था। इसके बाद पुलिस ने राठौर के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की थी। पुलिस ने उस पर पॉक्सो एक्ट भी लगाया था। 

एसपी यशवीर सिंह ने बताया कि एक हफ़्ते पहले ही राठौर ने एक एफ़आईआर दर्ज कराई थी कि उसके घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर चोरी हो चुकी है। पुलिस ने इस मामले में इन दो बच्चों को पकड़कर उनसे डीवीआर बरामद की थी। पुलिस ने जब इस डीवीआर की जांच की तो उसे यौन शोषण की रिकॉर्डिंग मिली। पुलिस ने बच्चों से भी पूछताछ की तो उन्होंने इस बारे में बताया। राठौर इन बच्चों के वीडियो बना चुका था और उन्हें ब्लैकमेल कर रहा था। 

पुलिस का कहना है कि उसने राठौर के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर की पड़ताल के बाद कुछ पीड़ितों की पहचान की है। राठौर 2017 में सरकारी नौकरी से रिटायर हो चुका है। उसके बाद वह बीजेपी में शामिल हुआ। वह जालौन बीजेपी में जिला स्तर का पदाधिकारी था। राठौर को ओरई जेल में रखा गया है। 

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पुलिस राठौर के लैपटॉप, डीवीडी और हार्ड डिस्क की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि उसे लैपटॉप से 15 से 20 वीडियो क्लिप मिली हैं। इन वीडियो में राठौर को बच्चों का यौन शोषण करते देखा जा सकता है। 

कोंच के एसएचओ इमरान ख़ान ने कहा कि राठौर छोटे बच्चों को पैसे का लालच देता था और उनके अश्लील वीडियो बना लेता था, इसके बाद वह उन्हें ब्लैकमेल करता था। वह बच्चों को धमकाता भी था। ख़ान ने कहा कि साइबर क्राइम सेल की टीम मामले की तफ़्तीश में जुटी है। ख़ान ने कहा कि अभी ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे पता चले कि इन वीडियो को किसी पोर्न साइट या बाज़ार में बेचा जा रहा था। 

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