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यूपी में पत्रकार को पुलिस ने पीटा, मुँह में पेशाब करने का आरोप

उत्‍तर प्रदेश के शामली में जीआरपी पुलिस ने एक न्यूज़ चैनल के पत्रकार को जमकर पीट दिया। पत्रकार की पिटाई का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में जीआरपी के थानेदार राकेश कुमार और एक सिपाही सुनील एक साथी न्यूज़ 24 चैनल के पत्रकार को सबके सामने बुरी तरह पीटते दिख रहे हैं। इस दौरान वहाँ कई पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। पत्रकार शामली जनपद में ही चैनल के लिए रिपोर्टिंग करते हैं और उनका नाम अमित शर्मा बताया जा रहा है। बता दें कि महज एक वीडियो को ट्वीट करने के मामले में हुई पत्रकार प्रशांत कन्नौजिया की गिरफ़्तारी और फिर रिहाई को लेकर पहले ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की पुलिस की ख़ासी किरकिरी हो चुकी है। 
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बताया जाता है कि एक ट्रेन के डिरेल होने की सूचना मिलने पर पत्रकार उसे कवर करने के लिए पहुँचे थे। इसी दौरान थानेदार राकेश कुमार भी मौक़े पर आ गए और ख़बर की कवरेज करने का विरोध करने लगे। इसके बाद थानेदार राकेश कुमार ने पत्रकार के कैमरे पर हाथ मार दिया और अपने एक सिपाही सुनील के साथ मारपीट शुरू कर दी। बताया जाता है कि इस दौरान पत्रकार का कैमरा टूट गया, लेकिन दबंग थानेदार और उसके साथी उस पर लात-घूँसे बरसाते रहे। इस दौरान पत्रकार ने उसे छोड़े जाने की गुहार भी लगाई लेकिन थानेदार राकेश कुमार और उसके साथी नहीं माने। मारपीट के बाद जीआरपी पुलिस ने उसे हवालात में डाल दिया।
इसके बाद एक और वीडियो सामने आया जिसमें पत्रकार को हवालात में बंद किया देखा जा सकता है और वह अपनी आपबीती बता रहा है। पत्रकार ने कहा कि पुलिसवालों ने उसे गालियाँ दीं, नंगा किया और मुँह में पेशाब की। पत्रकार यह भी बता रहा है कि किसी ख़बर को चलाये जाने के बाद से थानेदार उससे नाराज़ थे।
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जब पत्रकारों ने कार्रवाई की माँग की तो थानेदार राकेश कुमार और सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया और रिपोर्टर को छोड़ने का आदेश दिया गया है। 
Journalist thrashed GRP Shamli case Rakesh Kumar SHO - Satya Hindi
पुलिस द्वारा की गई पिटाई के विरोध में स्थानीय पत्रकारों ने धरना दिया और पत्रकारों पर हो रहे हमलों का विरोध किया। लेकिन यह घटना इसलिए हैरान करने वाली है कि क्या पत्रकारों को अपना काम करने पर भी इस तरह सरेआम मारा-पीटा जाएगा और हवालात में डाल दिया जाएगा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पत्रकारों में ख़ासा रोष है और उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूछा है कि क्या यूपी में इसी तरह पत्रकारों पर हमले होते रहेंगे। 

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