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कमलेश तिवारी की हत्या से हिंदू संगठन आक्रोशित, योगी सरकार निशाने पर

हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के बाद से हिंदू संगठनों में उबाल है। सोशल मीडिया में हिंदूवादी संगठनों ने कमलेश के हत्यारों को जल्द पकड़ने के लिए अभियान चलाया हुआ है। ये संगठन यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार को भी निशाने पर ले रहे हैं। राम मंदिर-बाबरी मसजिद मामले में अपीलकर्ता तिवारी की पहचान उग्र हिंदू नेता के तौर पर थी। 

तिवारी पहले हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष थे लेकिन बाद में उन्होंने हिंदू समाज पार्टी बना ली थी। 2015 में पैगंबर मोहम्मद साहब को लेकर विवादित बयान देने पर उन्हें जेल भी हुई थी और तब तिवारी के ख़िलाफ़ लाखों मुसलमान सड़कों पर उतर आए थे और उन्होंने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया था। लखनऊ पुलिस ने तिवारी के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (एनएसए) लगाया था लेकिन एक साल बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने इसे हटा दिया था। 

पैगंबर मोहम्मद साहब को लेकर दिये गये विवादित बयान के बाद बिजनौर के एक मौलाना अनवारुल हक़ ने 2016 में कमलेश का सिर कलम करने पर 51 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
तिवारी ने कई बार कहा था कि उनकी जान को ख़तरा है और उन्होंने सरकार से बेहतर सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की थी। मूल रूप से सीतापुर के निवासी तिवारी ने 2012 में सेंट्रल लखनऊ की सीट से अखिल भारत हिंदू महासभा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था। 
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कमलेश तिवारी की माँ ने कहा है कि जब तक योगी आदित्यनाथ इंसाफ़ नहीं करते तब तक वह अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं होने देंगी। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की सुरक्षा बढ़ाने की लगातार माँग की जा रही थी लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा नहीं बढ़ाई। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के ख़िलाफ़ अखिलेश यादव की सरकार के समय से फ़तवे दिये जा रहे थे और तब कोई अंगुली भी नहीं लगा पाया था लेकिन योगी सरकार में उनके बेटे की हत्या हो गई।
कमलेश तिवारी के परिजनों ने कहा है कि वे तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके वहां नहीं आते। तिवारी की पत्नी ने आत्मदाह की भी चेतावनी दी है। 

तिवारी राम मंदिर पर अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते थे। उन्होंने एक बार कहा था कि जिस दिन अयोध्या में पांच लाख हिंदू इकट्ठे हो जाएंगे, उस दिन राम मंदिर का निर्माण हो जाएगा। 

तिवारी राम मंदिर निर्माण को लेकर मोदी सरकार और बीजेपी पर भी हमलावर रहे थे। विवादित स्थल पर कारसेवा करने के चलते उन्हें पुलिस गिरफ्तार भी कर चुकी थी। ख़बरों के मुताबिक़, तिवारी ने सीतापुर में अपनी पैतृक जमीन पर महात्मा गाँधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का मंदिर बनवाने का भी ऐलान किया था। 

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