उत्तर प्रदेश के साथ ही पंजाब में भी 5 महीने के भीतर विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि अगर वह किसानों को इंसाफ़ दिलाने की इस लड़ाई को जोर-शोर से लड़ती है तो पंजाब और उत्तर प्रदेश में कुछ सियासी बढ़त हासिल कर सकती है।
पंजाब उन ग़िने-चुने राज्यों में है, जहां कांग्रेस सत्ता में है। इसलिए पार्टी किसी भी क़ीमत पर इस राज्य को खोना नहीं चाहती। लखीमपुर की घटना के बाद सिखों और किसानों में जो नाराज़गी बीजेपी को लेकर है, उसे भी कांग्रेस भुनाना चाहती है।