उत्तर प्रदेश में अगले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक सर्वे के नतीजों से बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। अगर आज लोकसभा चुनाव कराए जाएँ तो देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी वाले INDIA गठबंधन को बढ़त मिल सकती है और बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA को झटका लग सकता है। इंडिया टुडे-सीवोटर के अगस्त 2026 'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे के अनुसार, उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से INDIA गठबंधन को 41 सीटें, जबकि बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को 38 सीटें मिलने का अनुमान है। जनवरी के मूड ऑफ द नेशन सर्वे से एनडीए की दस सीटें कम हैं जबकि इंडिया गठबंधन की दस सीटें ज़्यादा हैं।

यह ताज़ा सर्वे जुलाई से अगस्त 2026 के बीच किया गया और इसमें हजारों लोगों की राय शामिल की गई। सर्वे के मुताबिक़ जनवरी 2026 की तुलना में उत्तर प्रदेश में एनडीए की स्थिति कमजोर हुई है, जबकि INDIA गठबंधन को बड़ा फायदा मिलता दिखाई दे रहा है।
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छह महीने में बदली तस्वीर

जनवरी 2026 के 'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे में एनडीए को उत्तर प्रदेश में 48 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था, जबकि INDIA गठबंधन को 31 सीटें मिलने की संभावना जताई गई थी। लेकिन अगस्त 2026 के ताज़ा सर्वे में तस्वीर पूरी तरह बदलती दिखाई दे रही है। INDIA गठबंधन की अनुमानित सीटें 31 से बढ़कर 41 हो गई हैं। वहीं एनडीए की सीटें 48 से घटकर 38 रह गई हैं।

यानी सिर्फ सात महीने में INDIA गठबंधन को करीब 10 सीटों का फायदा और एनडीए को लगभग 10 सीटों का नुकसान होता दिखाई दे रहा है।

मूड ऑफ द नेशन सर्वे

वोट शेयर में भी एनडीए को नुकसान

सर्वे में सीटों के साथ-साथ वोट शेयर का भी अनुमान लगाया गया है। एनडीए को लगभग 42 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। जनवरी के सर्वे में यह आँकड़ा 47 प्रतिशत था। यानी एनडीए का वोट शेयर करीब 5 प्रतिशत घटता दिख रहा है।

INDIA गठबंधन को 40 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। जनवरी में यह आंकड़ा 42 प्रतिशत था। यानी गठबंधन का वोट शेयर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन सीटों का अनुमान बढ़ा है।

मूड ऑफ द नेशन सर्वे

चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि कई सीटों पर वोटों के बँटवारे और स्थानीय समीकरणों की वजह से कम वोट शेयर के बावजूद INDIA गठबंधन को सीटों का फायदा मिल सकता है।

2024 के चुनाव से क्या अंतर?

2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में INDIA गठबंधन ने 43 सीटें जीती थीं, जबकि एनडीए को 36 सीटें मिली थीं। अब अगस्त 2026 के सर्वे में INDIA गठबंधन के लिए 41 सीटें और एनडीए के लिए 38 सीटें का अनुमान लगाया गया है।

इसका मतलब है कि INDIA गठबंधन 2024 के मुकाबले लगभग 2 सीटें पीछे रह सकता है। वहीं एनडीए 2 सीटों का सुधार करता दिखाई दे रहा है। हालांकि जनवरी 2026 के सर्वे की तुलना में एनडीए की स्थिति काफी कमजोर हुई है।

राम मंदिर दान विवाद पर क्या सोचती है जनता?

सर्वे में अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान गड़बड़ी के मुद्दे पर भी लोगों की राय ली गई। 47 प्रतिशत लोगों का मानना है कि इस विवाद का असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों की सरकारों पर पड़ा है। 8 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इसका असर केवल केंद्र सरकार पर पड़ा। 7 प्रतिशत लोगों का मानना है कि इसका असर सिर्फ उत्तर प्रदेश सरकार पर पड़ा।

मूड ऑफ द नेशन सर्वे

सी-वोटर के संस्थापक और चुनाव विश्लेषक यशवंत देशमुख का कहना है कि उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बदलाव की सबसे बड़ी वजह राम मंदिर विवाद नहीं है। उनके मुताबिक, हाल में यूजीसी के इक्विटी नियमों को लेकर अभिभावकों और युवाओं के बीच चिंता बढ़ी है। खासकर Gen-Z और उनके माता-पिता को यह डर है कि नई नीतियों का असर उनके बच्चों के भविष्य और अवसरों पर पड़ सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि हाल के छात्र आंदोलन, रोजगार, शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों ने भी राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया है।

राष्ट्रीय स्तर पर अब भी एनडीए मज़बूत

सर्वे के अनुसार, पूरे देश में बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए अभी भी सरकार बनाने की स्थिति में दिखाई देता है। अगर आज लोकसभा चुनाव हों तो एनडीए को 326 सीटें मिलने का अनुमान है। जनवरी 2026 के सर्वे में एनडीए के लिए 352 सीटों का अनुमान लगाया गया था। यानी राष्ट्रीय स्तर पर भी एनडीए को करीब 26 सीटों का नुकसान होता दिखाई दे रहा है, लेकिन वह बहुमत के आंकड़े से काफी आगे बना हुआ है।
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सर्वे कैसे किया गया?

इंडिया टुडे-सीवोटर का 'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे पिछले करीब दो दशकों से नियमित रूप से किया जा रहा है। अगस्त 2026 के संस्करण के लिए 25,184 लोगों से सीधे बातचीत की गई। इसके अलावा पिछले छह महीनों में किए गए 91,795 इंटरव्यू के आंकड़ों को भी विश्लेषण में शामिल किया गया। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर उत्तर प्रदेश और पूरे देश के संभावित चुनावी रुझानों का अनुमान लगाया गया है।

उत्तर प्रदेश पर सबकी नजर

लोकसभा की सबसे ज्यादा 80 सीटों वाला उत्तर प्रदेश केंद्र की सत्ता तय करने में सबसे अहम राज्य माना जाता है। ऐसे में इस सर्वे में INDIA गठबंधन की बढ़त और एनडीए की सीटों में गिरावट के अनुमान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश में आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह सर्वे बीजेपी के लिए बड़ी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। हालाँकि यह केवल एक जनमत सर्वे है और वास्तविक चुनाव परिणाम परिस्थितियों, चुनाव प्रचार और मतदाताओं के अंतिम फैसले पर निर्भर करेंगे।