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'तस्कर' बताने वाले ट्वीट को रिट्वीट कर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने खुद कराई फजीहत!

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की आज फिर से फजीहत हो गई। विरोधी ने ट्वीट कर मंत्री को डीजल व चंदन का तस्कर होने का आरोप लगाया तो उन्होंने खुद उसे रिट्वीट कर दिया। इससे उनकी किरकिरी हुई। मंत्री ने जब तक रिट्वीट को हटाया तब तक इसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सवाल उठे तो मंत्री की सफ़ाई आई कि उनका खाता हैक हो गया था। लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के मामले में फंसे मंत्री के बेटे को लेकर उनकी पहले से ही फजीहत हो रही है।

अजय मिश्रा टेनी के ट्विटर खाते से जो ट्वीट रिट्वीट हुआ था उसमें लखीमपुर में किसानों की हत्या के आरोपी उनके बेटे आशीष मिश्रा के नेपाल भाग जाने की बात भी कही गई थी। यह ट्वीट आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बाल्यान ने किया था। उनके उस ट्वीट को रिट्वीट किए जाने की भी जानकारी उन्होंने ट्वीट कर दी। 

नरेश बाल्यान कहते हैं कि 'रिट्वीट करने का मतलब है कि वो भी अपने कुकर्म और बेटे के कुकर्म से खुद ही सहमत है।'

नरेश बाल्यान ने अपने पहले के ट्वीट में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्र के बारे में लिखा था, 'नेपाल भाग गया। जहाँ इनके पिता अजय मिश्रा डीजल व चंदन की लकड़ी की तस्करी करते थे।'

उनका यह ट्वीट तब आया था जब ख़बर आई कि पूछताछ के लिए समन दिए जाने के बाद भी शुक्रवार सुबह वह पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। 

कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की आखिरी लोकेशन नेपाल में मिली है। हालाँकि उनका गाँव नेपाल सीमा से क़रीब 10 किलोमीटर दूर बनवीरपुर है। एसपी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने दावा किया कि आशीष मिश्रा नेपाल भाग गए हैं। भदौरिया ने यह भी कहा कि आशीष मिश्रा इतने दिन तक झूठ बोलते रहे। 

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बहरहाल, अजय मिश्रा टेनी के उस रिट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर तंज कसे। आम आदमी पार्टी के आईटी सेल के अंकित लाल ने ट्वीट किया, 'तो, जाहिर तौर पर अजय मिश्रा इस बात से सहमत हैं कि उनका बेटा नेपाल भाग गया है...।

इस पर अजय मिश्रा की प्रतिक्रिया आई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार मंत्री टेनी का कहना है कि उनका ट्विटर खाता किसी ने हैक कर लिया था। फ़िलहाल उन्होंने रिट्वीट को हटा दिया है।  

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बता दें कि अब उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर से केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को समन भेजा है। इस समन में आशीष से कहा गया है कि वे शनिवार सुबह 11 बजे पुलिस के सामने हाज़िर हों। लेकिन सवाल यह है कि पुलिस आशीष मिश्रा तक पहुँचने की कोशिश क्यों नहीं कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने भी शुक्रवार को इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को डांट लगाई है लेकिन सरकार और उत्तर प्रदेश की पुलिस शायद शीर्ष अदालत की जबरदस्त डांट के बाद भी चेतने के लिए तैयार नहीं हैं। 
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