loader

चिन्मयानंद केस: यूपी में उन्नाव जैसी दूसरी घटना, प्रियंका ने कहा

बीजेपी के पूर्व विधायक चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली लड़की के ग़ायब होने पर प्रियंका गाँधी ने बीजेपी की योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आवाज़ उठाने वाली लड़की लापता है या कर दी गयी है। उन्होंने पूछा कि आख़िर यह कब तक चलेगा? प्रियंका गाँधी ने इस मामले की उन्नाव रेप मामले से इसकी तुलना करते हुए आरोप लगाया है कि यदि बीजेपी नेता के ख़िलाफ़ शिकायत की तो न्याय मिलना भूल जाइए, उसकी ख़ुद की सुरक्षा भी ख़तरे में पड़ जाती है।

यह मामला शाहजहाँपुर के स्वामी सुखदेवानंद पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में पढ़ने वाली 23 साल की एक लड़की द्वारा सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करने से जुड़ा है। वीडियो में उन्होंने एक संन्यासी द्वारा लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इसके बाद शनिवार को वह लड़की एकाएक ग़ायब हो गई। लड़की के पिता ने बीजेपी के पूर्व सांसद चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दी। पुलिस ने पूर्व बीजेपी सांसद के ख़िलाफ़ अपहरण और आपराधिक धमकी देने का मामला दर्ज किया है। हालाँकि उनके ख़िलाफ़ लड़कियों के ज़िंदगी बर्बाद करने जैसे मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। लड़की जिस कॉलेज में पढ़ती है, उसकी वेबसाइट पर लिखा है कि स्वामी चिन्मयानंद कॉलेज की प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हैं। चिन्मयानंद केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं। 

ताज़ा ख़बरें

इसी मामले को लेकर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गाँधी ने एक के बाद एक 4 ट्वीट किए। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘उत्तर प्रदेश में यह उन्नाव मामले जैसा ही दुहराव लग रहा है। अगर कोई महिला बीजेपी नेता के ख़िलाफ़ शिकायत करती है, तो उसको न्याय मिलना तो दूर की बात, उसकी ख़ुद की सुरक्षा की भी गारंटी नहीं रहती।’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘पिछले ही साल अभियुक्त पर से बलात्कार का मुक़दमा बीजेपी सरकार ने वापस लिया था। बहुत साफ़ है सरकार किसके साथ खड़ी है। यूपी की लड़कियाँ सब देख रही हैं।’

महिला सुरक्षा का हाल क्या?

प्रियंका ने राज्य में महिला सुरक्षा बदतर होने का भी सवाल उठाया है। उन्होंने इस बात पर तंज कसे हैं कि हर रोज़ महिला सुरक्षा की रट लगाने वाली बीजेपी की सरकार में इतनी बुरी स्थिति है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘उत्तर प्रदेश में एक दिन भी ऐसा नहीं बीतता जिस दिन बीजेपी सरकार महिलाओं को यह भरोसा दिलाने में कामयाब हो कि आप सुरक्षित हैं और अगर आपके साथ कोई घटना घटती है तो आपको न्याय मिलेगा।’

चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ट्विटर पर पार्टी नेताओं से लेकर आम लोगों ने चिन्मयानंद और योगी सरकार पर जमकर हमले किए।

उत्तर प्रदेश से और ख़बरें

जयंत चौधरी ने साधा योगी पर निशाना

आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने भी ट्वीट किया, '2018 में योगी सरकार ने चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ दायर पहले के सेक्सुअल एसॉल्ट केस को वापस लेने की कोशिश की थी। क्यों? आज एडीजी अविनाश चंद्र ने दावा किया है कि एफ़आईआर में सेक्सुअल हैरसमेंट का आरोप नहीं है क्योंकि इसकी पुष्टि की जानी बाक़ी है! यूपी पुलिस के लिए कौन पुष्टि करेगा? सीएम की अनुमति ज़रूरी है?'

एक साध्वी ने लगाए थे गंभीर आरोप

क़ानून की इस छात्रा से पहले भी चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ एक साध्वी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस मामले में 2018 में शाहजहाँपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ कथित दुष्कर्म और किडनैप करने के मामले में ज़मानती वारंट जारी किया था। हालाँकि उनकी गिरफ़्तारी नहीं हो पाई थी। इससे पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने उनके ख़िलाफ़ केस वापस लेने की घोषणा कर दी थी, लेकिन बाद में कोर्ट ने पीड़िता की याचिका पर सरकार के केस वापस लेने के आवेदन को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने ट्रायल शुरू करने को कहा था। यह केस ट्रायल के लिए 2011 से लंबित था। 

पीड़िता साध्वी ने तब चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ कई आरोप लगाए थे। 'तहलका' की एक रिपोर्ट के अनुसार साध्वी ने कहा था कि उनके अलग-अलग आश्रमों में 20 से ज़्यादा महिलाएँ पीड़ित थीं। उन्होंने आरोप लगाए थे कि महिलाओं को ज़बर्दस्ती रखा जाता था और यौन शोषण किया जाता था। पीड़िता से बातचीत के आधार पर 'तहलका' की रिपोर्ट में कहा गया था कि वह 2004 में हरिद्वार में चिन्मयानंद के आश्रम में गई थी, लेकिन उन्हें बाद में शाहजहाँपुर भेज दिया गया था। उन्होंने कहा था कि धमकी दी गई, बाहर जाने नहीं दिया जाता था और परिवार से पूरी तरह अलग कर दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कुछ भरोसेमंद लोगों की सहायता से वह वहाँ से बच सकीं।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

उत्तर प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें