बहनों को ये जानना होगा कि ये वे भाई हैं जिनके राज में दस रूपये किलो बिकने वाला टमाटर ढाई सौ रूपये किलो बिका। महंगाई आसमान छूने लगी। लेकिन इन भाइयों का रोम तक नहीं फड़का। रक्षाबंधन का पर्व आते ही नेता ही नहीं दवा और गाय का शुद्ध घी बेचने वाले बाबा भी बहनों के प्रति द्रवित हो जाते है । बहनों से अपील करते हैं की अपने सुहाग ही नहीं बल्कि बच्चों को भी जहरीले रसायनों से बचाये और उनका बनाया शुद्ध कच्ची घानी का सरसों का तेल खाये। बाबा जी अपनी बहनों को सचेत करने के लिए अखबारों में एक -एक पेज के विज्ञापन देते हैं लेकिन बहनों से स्नेह जताने के लिए नहीं अपनी जेबें भरने के लिए ।