अचानक लागू किए गए लॉकडाउन से प्रभावित मज़दूरों की दर्दनाक दास्तान सुनाती मुकेश कुमार की कविता।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























