अडानी की कंपनियों में निवेश करने वाली एलआईसी के दावे का क्या हुआ? उसको घाटा क्यों हो रहा है? सरकार के उस दावे का क्या हुआ कि अडानी कांड का सरकारी कंपनियों और बैंकों पर असर नहीं पड़ेगा? अडानी की वजह से एलआईसी को अभी और कितना नुक़सान उठाना पड़ सकता है? क्या उसके बाद स्टेट बैंक की भी बारी आने वाली है?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























