नफ़रत और हिंसा से भरी एनीमल के हिट होने की क्या वज़हें हैं? कौन से दर्शक हैं जो इस फिल्म को देखने टूट पड़े हैं? इस फिल्म के निर्माताओं का सोच क्या कहता है? क्या ये फिल्म हमारे समाज में बढ़ती पशुता को प्रदर्शित करती है? एनीमल का राजनीतिक-सामाजिक संदेश क्या है?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























