हिंडनबर्ग की रिपोर्ट और बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ट्विन टॉवर पर हमले की तरह थी। इसने मोदी-अडानी को ज़बर्दस्त नुक़सान पहुंचाया है। इसीलिए मोदी घबराए हुए भी हैं और बौखलाए हुए भी। विपक्षी दलों के लिए ये एक बड़ा मौक़ा है, मगर उन्हें एक होना होगा और दिन रात काम करना होगा। जानी मानी लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय के साथ बातचीत-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























