अमित शाह ने डिजिटल रैली में एक बार फिर दोहरा दिया कि आगामी चुनाव में नीतीश ही गठबंधन के नेता रहेंगे। इसके बावजूद नीतीश को लेकर बहुत से किंतु-परंतु बाक़ी हैं। ये माना जा रहा है कि नीतीश अब बीजेपी के लिए बोझ बन गए हैं और चुनाव के पहले या बाद में वह उनसे मुक्त होना चाहेगी। वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























