आँदोलनकारियों के साथ पुलिस इतनी बर्बरता से क्यों पेश आई? क्या उसे सरकार की ओर से निर्देश मिले थे? विपक्षी दलों की ओर से छात्रों को मिला समर्थन क्या कहता है? नीतीश सरकार को ये घटना कितनी भारी पड़ेगी?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























