अपने सांसद के ग़ाली-गलौज़ पर चुप क्यों हैं मोदी? क्या नई संसद की इससे शर्मनाक शुरुआत कोई हो सकती है? महिला आरक्षण पर अपनी पीठ ठोंक रहे मोदी को क्या रमेश बिधुड़ी की भर्त्सना नहीं करनी चाहिए? क्या सदन का नेता होने के नाते बिधुड़ी के बर्ताव के लिए उन्हें माफ़ी नहीं मांगनी चाहिए? क्या स्पीकर बिरला को उन्हें तुरंत निलंबित नहीं करना चाहिए?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























