क़रीब ढाई सौ जाने माने नेता, पत्रकार और बुद्धिजीवियों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दिल्ली दंगों की निष्पक्ष जाँच करवाने की माँग की है। लेकिन केंद्र सरकार के रुख़ को देखते हुए क्या यह मुमकिन हो पाएगी? मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की वरिष्ठ नेता बृंदा कारत से वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार ने बातचीत की। पेश हैं उसके अंश।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























