बीएसपी अगर ब्राम्हणों को लुभाने में लगी है तो उसमें ग़लत क्या है? चुनाव जीतने के लिए दूसरे दल जैसे जातीय गँठजोड़ बनाने की कवायद नहीं कर रहे हैं, क्या वह बीसपी की कोशिश से अलग है? मुकेश कुमार के साथ चर्चा में हिस्सा ले रहे हैं विनोद अग्निहोत्री, शरद गुप्ता, डॉ. रविकांत, डॉ. सतीश प्रकाश
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























