राहुल गांधी ने सिर्फ तीन महीनों में तीन बार बिहार का दौरा किया है — और यह महज संयोग नहीं है। यह एक स्पष्ट संकेत है कि वह आगामी बिहार राज्य चुनावों में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। बेगूसराय में उनके रोडशो ने सबका ध्यान खींचा, भारी भीड़ जुटाई और एक ऐसा शोर मचाया जिसे नजरअंदाज करना मुश्किल है। लेकिन क्या यह सिर्फ एक क्षेत्रीय धक्का है, या इसके पीछे कोई बड़ा खेल है?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























