क्या काँग्रेस राहुल गाँधी को काँग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए राज़ी कर पाएगी? अगर राहुल अपनी ज़िद पर अड़े रहे तो फिर काँग्रेस की बागडोर किसके हाथ जाएगी? क्या एक बार फिर से सोनिया को नेतृत्व करना होगा या फिर प्रियंका को ज़िम्मेदारी संभालनी पड़ेगी?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























