लॉकडाउन यानी घरबंदी के दो हफ़्ते बीत चुके हैं और एक हफ़्ता बाक़ी है। लेकिन सवाल उठने लगे हैं कि क्या 14 अप्रैल के बाद यानी तय समय पर सरकार को यह लॉकडाउन ख़त्म कर देना चाहिए या इसे और बढ़ाना चाहिए। आलोक अड्डा में आज की चर्चा वरिष्ठ पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी और राजेंद्र तिवारी के साथ।
लेखक सीएनबीसी आवाज़ के पूर्व संपादक हैं, आर्थिक मामलाों के विशेषज्ञ हैं और समसामयिक विषयों पर लिखते रहते हैं।









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