शेख़ हसीना से क्या चूक हुई क्या वे स्थिति को संभाल सकती थीं? क्या अब कट्टरपंथियों की सत्ता में वापसी हो सकती है? फौज खुद सत्ता की बागडोर में हाथ लेगी या चुनाव करवाएगी?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























