गुजरात में दलित युवक को इसलिए बुरी तरह से मारा गया क्योंकि उसकी मूंछें दबंग जातियों के अहंकार को ठेस पहुंचाती थीं। क्या है ये प्रवृत्ति, दलितों की आज़ादी किन्हें खटकती है?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























