हिंदी के वरिष्ठ पत्रकारों की राय में बीजेपी दिल्ली के चुनाव में हार की ओर है और इस पराजय से बचने के लिए किसी भी किस्म की मर्यादा के पालन को वह तैयार नहीं है। चुनाव आयोग 'केंचुआ' साबित हुआ है और प्रशासनिक संस्थाएँ नाकारा। देखिए शीतल पी सिंह की वरिष्ठ पत्रकारों- शैलैश, उर्मिलेश, आशुतोष, मुकेश कुमार और वीरेंद्र सेंगर की चर्चा।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













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