यति नरसिंहानंद एक के बाद एक नफ़रती बयान दे रहा है, मगर उसका कुछ क्यों नहीं हो रहा? पुलिस की मौजूदगी में बिना इजाज़त के हिंदू महापंचायत करता है मगर उसे कोई रोकता क्यों नहीं? ज़मानत की शर्तों का उल्लंघन करता है मगर अदालतें भी चुप रहती हैं?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























