बिना सिंदूर, मंगलसूत्र वाली हिंदू महिलाओं की तुलना खाली प्लॉट से करना बागेश्वर बाबा के बारे में क्या बताता है? क्या ये हिंदू महिलाओं का घोर अपमान नहीं है? क्या वे इसे बर्दाश्त कर लेंगी? क्या इससे हिंदू धर्म का अपमान नहीं होता है? बाबा का ये बयान उनकी किस मानसिकता का परिचायक है? क्या सरकार उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज़ करेगी? क्या उन्हें माफ़ी नहीं मांगना चाहिए?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























