चाबहार रेल प्रोजेक्ट का हाथ से निकलना भारतीय कूटनीति के लिए एक बड़ा झटका है। मगर ये झटका किसने दिया और भारत के लिए इसका क्या मतलब है? बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























