वैज्ञानिक स्तर पर प्रामाणिकता सिद्ध किए बगैर रामदेव ने कोरोना की दवा को लाँच तो कर दिया है मगर ये देश के लिए बेहद हानिकारक है। इससे दुनिया भर में देश की बदनामी होती है, उसका मखौल उड़ता है। सरकार ने उसके प्रचार-प्रसार पर सरकार तो लगा दी है, मगर क्या ये कार्रवाई काफी है? पेश है वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























