नीतीश और लालू यादव आरक्षण पर लगी पचास फ़ीसदी की सीमा हटाने की माँग के सियासी मायने क्या हैं? क्या ग़रीब सवर्णों के लिए दस फ़ीसदी आरक्षण देने का सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसले से उन्हें नया आधार मिल गया है? क्या जातीय जनगणना की माँग अब ज़ोर पकड़ेगी?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























