पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के क्या मायने हैं? क्या अब मोदी सरकार की निरंकुशता बढ़ जाएगी? क्या हिंदुत्व अब और आक्रामक रुख़ अख़्तियार कर सकता है? क्या विपक्षी राजनीति के लिए अब चुनौतियाँ बढ़ जाएंगी? क्या जन-आंदोलनों के लिए अब गुंज़ाइश और भी कम हो सकती है? डॉ. मुकेश कुमार के साथ चर्चा में हिस्सा ले रहे हैं-श्रवण गर्ग, आकार पटेल, एन.के. सिंह, क़मर वहीद नक़वी-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























