क्या भारत हिटलर की राह पर चल पड़ा है? क्या भारत में वही सब कुछ हो रहा है जो नाज़ी जर्मनी में हुआ था? क्या नफ़रत की आँधी देश को गृहयुद्ध की ओर ले जा रही है? क्या तानाशाही और फासीवाद से बचने का कोई रास्ता, कोई उम्मीद बाक़ी है? जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी हर्ष मंदर से डॉ. मुकेश कुमार की बातचीत-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























