क्या अडानी के ‘महाघोटाले’ को लेकर विपक्ष ने मोदी सरकार को घेर लिया है? क्या वह मोदी और अडानी की दोस्ती को राष्ट्रीय मुद्दा बना पाएगा? क्या मोदी विपक्ष से कैसे निपटेंगे? क्या राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय दबाव में वे जाँच करने को बाध्य हो जाएंगे? क्या वे अपने ‘मित्र’ को बचाने की कोशिश करेंगे या फिर उसे डूबने देंगे?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























