दो महीने का कार्यकाल प्रधानमंत्री मोदी के बारे में क्या कहता है? क्या वे अब एक कमज़ोर प्रधानमंत्री रह गए हैं? क्या ये उनके बुरे दिनों की शुरुआत है? यही हाल रहा तो उनकी छवि का क्या होगा?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























