क्या विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया की एकता पक्की हो गई है? अगर हाँ तो बीजेपी को हराने के लिए उसके सामने अब सबसे बड़ी अड़चन क्या है? क्या एक नेता और एक एजेंडा की ज़रूरत है? या फिर एक ऐसी गुत्थी है जिसे वो सुलझा ले तो बीजेपी चारों खाने चित हो जाएगी?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























