राकेश टिकैत बार-बार ऐसी घोषणाएं कर रहे हैं, जिनका अनुमोदन किसान संयुक्त मोर्चा नहीं करता। सवाल उठता है कि उनके इस रवैये से कहीं आंंदोलन के बारे में भ्रम तो नहीं फैल रहा, आंदोलन को नुकसान तो नहीं हो रहा? वरिष्ठ किसान नेता जगजीत डल्लेवाल से मुकेश कुमार की बातचीत
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























