ग़ाज़ियाबाद में पत्रकार विक्रम जोशी की दिन दहाड़े हत्या ने एक बार फिर से इस सचाई को रेखांकित किया है कि उत्तरप्रदेश में कानून-व्यवस्था नाम की चीज़ नहीं रह गई है। योगी सरकार भले ही ये गाते रहे कि प्रदेश में अपराधी या तो जेल में हैं या यमराज के पास मगर अब हर कोई कहने लगा है कि यूपी में जंगल राज है। ऐसी स्थिति क्यों आई, बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























