लोक जनशक्ति पार्टी के अलग चुनाव लड़ने के फ़ैसले से बिहार के चुनावी समीकरण फिर बदल गए हैं। अब एनडीए की जीत आसान नहीं रह गई है और महागठबंधन के लिए भी राह खुलती दिख रही है। ऐसे में क्या होगा नतीजा? पेश है इस मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार अरविंद मोहन, एन.के. सिंह, उर्मिलेश और आलोक जोशी से मुकेश कुमार की बातचीत
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























