अमित शाह अपने भावी प्रतिद्वंद्वी देवेंद्र फडणवीस को शक्तिशाली बनने से क्यों नहीं रोक पाए? उनकी तिकड़में काम नहीं आईं या फिर संघ के सामने उनकी एक नहीं चली? क्या अब वे फडणवीस की राह में काँटे बिछाने का काम करेंगे?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























