महाविकास अघाड़ी के तीनों दलों में क्यों बँटी 85-85 सीटें? बाक़ी बची 33 सीटों का क्या होगा? क्या सौ सीटों पर लड़ने की शिवसेना की ख्वाहिश पूरी होगी?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























