क्या महुआ मोइत्रा मोदी के बिछाए जाल में फँस गई हैं? क्या दर्शन हीरानंदानी के हलफ़नामे के साथ उनके बचने के रास्ते बंद हो गए हैं? क्या हीरानंदानी ने पीएमओ के दबाव में हलफ़नामा दिया है? अब उनकी संसद सदस्यता जाना तय है? क्या मोदी सरकार उन्हें किसी आपराधिक मामले में फँसाकर जेल भी भेजेगी? क्या करेंगी महुआ, समर्पण या संघर्ष?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























